ख़ामोशी की भी अपनी एक आवाज़ होती है,
जो शोर में नहीं, एहसासों में सुनी जाती है।
जहाँ शब्द थक जाते हैं समझाते-समझाते,
वहीं चुप्पी सच की पूरी कहानी कह जाती है।
हर मुस्कान खुशी नहीं बताती,
हर आँसू ग़म का सबूत नहीं होता।
कुछ दर्द ऐसे होते हैं जो
सिर्फ़ दिल समझता है, ज़ुबान का काम नहीं होता।
रुक जाना भी कभी हार नहीं होता,
कभी-कभी यही सही शुरुआत होती है।
जो खुद से जुड़ जाए एक पल को,
उसी को ज़िंदगी की सही पहचान होती है।
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